POSHAN अभियान हीरो बैनर

पोषित राष्ट्र

पोषित राष्ट्र: हर भोजन के साथ स्वस्थ जीवन का निर्माण

भारत भर में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए समग्र पोषण सुनिश्चित करने के मिशन में हमारे साथ जुड़ें।

पोषण अभियान भारत सरकार की एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य देश में कुपोषण को जड़ से खत्म करना है। इसे मार्च 2018 में शुरू किया गया था और यह खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों (0–6 वर्ष) और किशोरियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

सीधी भाषा में कहें तो—यह योजना “खाना सही, समय पर और सभी तक” पहुँचाने का मिशन है। कोई जादू नहीं, बस सही सिस्टम।

POSHAN अभियान क्या है?

8 मार्च 2018 को शुरू किया गया, प्रधानमंत्री की ओवरआर्किंग स्कीम फॉर होलिस्टिक न्यूट्रिशन बच्चों (0-6 वर्ष), किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं का पोषण सुधारने का भारत का प्रमुख प्रयास है।

दृष्टि

सभी क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से कुपोषण-मुक्त भारत।

लक्ष्य

ठिगनापन, कुपोषण, एनीमिया और कम जन्म वजन को समयबद्ध रूप से घटाना।

केन्द्र

गर्भाधान से 2 वर्ष तक के पहले 1,000 दिन सबसे महत्वपूर्ण खिड़की हैं।

पोषण अभियान के मुख्य उद्देश्य

बच्चों में स्टंटिंग (उम्र के हिसाब से कम कद) को कम करना

वेस्टिंग (कम वजन) और एनीमिया को घटाना

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार

पोषण सेवाओं की डिलीवरी और ट्रैकिंग को मजबूत बनाना

पोषण अभियान की प्रमुख विशेषताएं

1. टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी

Poshan Tracker ऐप के ज़रिए आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण वितरण और लाभार्थियों का रियल-टाइम डेटा ट्रैक किया जाता है।

2. जन आंदोलन (Jan Andolan)

यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं है। इसमें समुदाय, परिवार और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाता है।

3. कन्वर्जेंस मॉडल

स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता और शिक्षा—सभी विभाग मिलकर काम करते हैं। साइलो नहीं, सिंक।

4. आंगनवाड़ी सशक्तिकरण

आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य जांच और परामर्श का मजबूत केंद्र बनाया गया है।

पोषण अभियान के लाभार्थी

  • 0–6 वर्ष के बच्चे
  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली माताएं
  • किशोरियाँ (विशेषकर एनीमिया रोकथाम के लिए)

पोषण अभियान क्यों ज़रूरी है?

भारत में कुपोषण सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं है—यह शिक्षा, उत्पादकता और आर्थिक विकास को भी प्रभावित करता है। सही पोषण = बेहतर दिमाग + मजबूत शरीर + कम हेल्थ खर्च।

मिशन के बारे में

POSHAN अभियान: जन-प्रथम पोषण आंदोलन

यह केवल एक कार्यक्रम नहीं—यह जन आंदोलन है जो राष्ट्रीय विकास के केंद्र में पोषण को रखता है। मिशन अभिसरण, प्रौद्योगिकी-सक्षम और समुदाय-नेतृत्वित कदमों से अलग-थलग हस्तक्षेपों से एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और भारतभर के साझेदारों द्वारा मार्गदर्शित।

दृष्टि व लक्ष्य

  • सभी क्षेत्रों के सहयोग से कुपोषण-मुक्त भारत बनाना।
  • ठिगनापन, कुपोषण, एनीमिया और कम जन्म वजन को समयबद्ध तरीके से घटाना।
  • जीवनभर के स्वास्थ्य के लिए बच्चे के पहले 1,000 दिनों पर मुख्य जोर।

प्रमुख उद्देश्य

हमारे कार्य का मार्गदर्शन

0-6 वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की पोषण स्थिति सुधारना।
बच्चों में ठिगनापन और कुपोषण कम करना।
बच्चों, महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया घटाना।
कम वजन वाले जन्म के मामलों को कम करना।
जागरूकता बढ़ाना, सेवा वितरण सुधारना, पौष्टिक भोजन की पहुंच बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करना।

हमारा दृष्टिकोण

अभिसरण, प्रौद्योगिकी और समुदाय

बहु-क्षेत्रीय अभिसरण

स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा में समन्वित कार्रवाई से समग्र परिणाम।

प्रौद्योगिकी व डेटा-आधारित निगरानी

पोशन ट्रैकर और डिजिटल डैशबोर्ड अग्रिम पंक्ति कर्मियों को वृद्धि, सेवाएं और रियल-टाइम निगरानी ट्रैक करने में सक्षम करते हैं।

समुदाय सहभागिता व व्यवहार परिवर्तन

जन आंदोलन स्थानीय निकायों, स्वयं सहायता समूहों और परिवारों को पोषण मिशन का स्वामित्व लेने के लिए प्रेरित करता है।

जीवन-चक्र दृष्टिकोण

पहले 1,000 दिनों, किशोरावस्था और गर्भावस्था से पहले, दौरान और बाद में माताओं के समर्थन पर ध्यान।

गुणवत्तापूर्ण सेवाएं व पोषक आहार

विविध आहार, फोर्टिफाइड भोजन, मिलेट्स का मूल्य, बेहतर पूरक पोषण और मजबूत मातृ/शिशु देखभाल।

मुख्य विशेषताएँ

मिशन को प्रभावी बनाने वाले तत्व

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रव्यापी कवरेज।
रियल-टाइम निर्णय लेने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड और निगरानी।
पोषण माह और पोषण पखवाड़ा जैसे मासिक अभियान जमीनी कार्रवाई के लिए।
अग्रिम पंक्ति कर्मियों का प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन और स्थानीय पोषण उद्यान विकसित करना।

प्रभाव व प्रगति

गति पर नज़र

आधारभूत संकेतक चिंताजनक थे: 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में ठिगनापन लगभग 38.4% (NFHS-4) और महिलाओं व लड़कियों में उच्च एनीमिया स्तर। मिशन के माध्यम से राज्यों ने बेहतर सेवा वितरण, समृद्ध डेटा संग्रहण और गहरी सामुदायिक भागीदारी की रिपोर्ट की है।

कार्यक्रम POSHAN 2.0 और मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं POSHAN 2.0 के माध्यम से विकसित हो रहा है, संसाधनों को अधिक गति और दूर तक जाने के लिए संरेखित कर रहा है।

शामिल हों

  • व्यक्ति/परिवार के रूप में: स्वस्थ आहार व्यवहार अपनाएँ, किचन गार्डन बढ़ाएँ, जागरूकता अभियानों में जुड़ें।
  • समुदाय के रूप में: पोषण माह गतिविधियाँ आयोजित करें, पोषण सत्र चलाएँ, आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ भागीदारी करें।
  • भागीदार/संगठन के रूप में: तकनीकी, वित्तीय या स्वैच्छिक समर्थन दें; हस्तक्षेप सह-निर्मित करें और प्रगति की निगरानी करें।
  • डिजिटल: पोशन ट्रैकर ऐप, डैशबोर्ड का उपयोग करें और क्षेत्र स्तर की प्रगति रिपोर्ट करें।

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

POSHAN अभियान के तहत किन्हें शामिल किया गया है?

0-6 वर्ष के बच्चे, किशोरियाँ, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं।

क्या यह मौजूदा पोषण कार्यक्रमों को बदल देता है?

नहीं — यह एकीकृत पोषण लक्ष्यों के लिए मौजूदा कार्यक्रमों का अभिसरण और सुदृढ़ीकरण करता है।

प्रगति कैसे ट्रैक की जाती है?

डिजिटल निगरानी उपकरणों, डैशबोर्ड, पोशन ट्रैकर मोबाइल ऐप, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश रिपोर्टिंग और नियमित आकलन के माध्यम से।

क्या समुदाय भाग ले सकते हैं?

हाँ — समुदाय स्वामित्व, स्थानीय निकाय, मातृ समूह, पोषण वाटिका और जागरूकता अभियानों पर विशेष जोर है।

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Contact & participation

Ministry: Ministry of Women & Child Development, Government of India

Email / Helpline: [Insert appropriate details here]

Address: 4th Floor, NeGD, Electronics Niketan, 6 CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi - 110003, India

Social Media: instagram.com/poshanabhiyaandnhdd

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